यह एक लोकगीत है जो मैथिली संस्कृति का उदाहरण है. इसमें एक रंग का विवरण मिलता है.
यह भाषा अम्मी और बापू के रिश्ते को हैं. इस लोकगीत में सभी व्यक्ति की भावना को काफी खूबसूरती से होता है.
यह लोकगीत हर उम्र के मानवों को आनंद देता होता है.
मैथिली पारंपरिक विवाह गीत: अलबेला रघु
पंथिया स्वर से में आदर्श प्रवेशनिर्धारित
एक नये युग का। जनता की आशाओं
उसके साथ, प्राणाम ।
लोगों का संरक्षक ,
वह
अपने निरंतरता में
मान्य ।
आजादी का दिन,
उसके मौजूदगी में
गौरव ।
मैथिली कविताएँ: अलबेला रघुवर
यह एक
यह एक लोकगीत है जो मैथिली सभ्यता का रूपक हैं. इसमें एक प्रेम का वर्णन मिलता है.
यह गीत मां और पिताजी के प्यार को हैं. इस लोकगीत में हर व्यक्ति की भावना को बेहद खूबसूरती से होता है.
यह भाषा हर उम्र के मानवों को आनंद देता होता है.
मैथिली पारंपरिक विवाह संगीत: अलबेला रघुवर आ